Sun Gazing – Mysteries

सूरज की रोशनी जीवन में महत्वपूर्ण है. इससे शरीर संतुलित नियन्त्रित और उर्जा से भरपूर रहता है.

पूर्ण स्पेक्ट्रम धूप शरीर में उर्जा और आभा प्रदान करता है. सारी प्रकृति इसी उर्जा से चल रही है. आँखें, मस्तिष्क, शरीर को स्वस्थ रहने और स्पष्ट दृष्टि को बनाए रखने के लिए धूप की जरूरत है.

आने वाली प्रकाश किरणें आंखों के रेटिना पर केंद्रित होती हैं. केंद्रीय प्रकाश fovea centralis पर केंद्रित होता है, जिससे की रेटिना स्पष्ट द्रिष्टि का उत्पादन कर पाता है.
परिधीय किरणों स्पष्ट परिधीय दृष्टि के लिए रेटिना के परिधीय क्षेत्रों पर केंद्रित होती हैं.

वस्तु की छवि आँखों में असल में औंधी (inverted) बनती है जो की विधुत (इलेक्ट्रिक) किरणों के माध्यम से मस्तिष्क में नयूरोंस की सहायता से पहुँचती है.

मस्तिष्क इन विधुत (इलेक्ट्रिक) सिग्नल्स को सही सीधी छवि बनाता है जो की आप सोचते और समझते हैं.

Thalamus आपके मस्तिष्क में brainstem के शीर्ष पर स्थित है और वह कई अंगों, ग्रंथियों, मस्तिष्क के क्षेत्रों, शरीर, आँखें और दृश्य प्रणाली के कार्य को नियंत्रित करता है.

सूरज की रोशनी आँखों के द्वारा मस्तिष्क और उसके बाद रीड की हड्डी और पूरे शरीर में यात्रा करती है. इससे शरीर के रोग दूर और चित्त प्रसन्न होता है.

धूप, (प्रकाश किरणों, तरंगों, ऊर्जा) आंखों में प्रवेश कर, रेटिना पर केंद्रित हो कर मस्तिष्क के ऑप्टिक तंत्रिका  के द्वारा रीढ़ की हड्डी के साथ नीचे सभी अंगों, ग्रंथियों, शरीर के क्षेत्रों व् प्रणाली में जाती है.
गर्दन, थाइरोइड, थाइमस, दिल, फेफड़े, पेट, जिगर, तिल्ली, अग्न्याशय, गुर्दे, प्रजनन प्रणाली, नर्वस सिस्टम, संचार और लसीका, पाचन प्रणाली, मांसपेशियों, हड्डियों – शरीर के सभी भागों को संपूर्ण स्वास्थ्य व् सामान्य रूप से कार्य संपन्न करने में इस धूप का योगदान है.

पूर्ण स्पेक्ट्रम धूप से आँखें, मस्तिष्क, शरीर स्वस्थ रहता है.

चश्मा, धूप का चश्मा, रंगा हुआ लेंस (contacts), कार के रंगे हुए शीशे, पूर्ण स्पेक्ट्रम को आपकी आँखों में भेजने से रोकते हैं. कृपया इनका उपयोग करते समय इन बातों का ध्यान रखें एवं कोशिश करके सुबह की धूप की पहली किरनें ग्रहण कीजिये जो की बहुत लाभदायक होती हैं.

आँखें अगर कमज़ोर हों तो लेसर थेरपी की जगह सन थेरपी लीजिए. शुद्ध गऊ मूत्र वह अपनी सुबह का पहली लार आँखों में लगायें – चमत्कारिक परिणाम थोड़े दिन में आपको मिलेंगे.

अपने आप को प्रकृति से जोडीये, तोडिये नहीं.

अन्धाधुन्ध बिनी सोचा समझा आधुनिकरण modernisation विनाश काले विपरीत बुद्धी का प्रतिक हैं एवं निरी मूर्खता है.

 

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